
यह खबर ग्रामीण भारत के लिए बड़ी उम्मीद लेकर आई है। केंद्र सरकार अब दो दशक पुराने मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना) को नए स्वरूप में बदलने की तैयारी कर चुकी है। सरकार का कहना है कि अब समय आ गया है कि ग्रामीण भारत के विकास को नई दिशा दी जाए — इसलिए इसका नया नाम होगा “विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)”, जिसे संक्षेप में “VB-G RAM G एक्ट” कहा जाएगा।
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क्यों बदला जा रहा है मनरेगा का नाम
मनरेगा एक्ट 2005 में शुरू हुआ था ताकि ग्रामीण परिवारों को न्यूनतम 100 दिन का रोजगार मिल सके। इसने लाखों परिवारों की आर्थिक रीढ़ मजबूत की, लेकिन अब सरकार इसे अगले चरण में ले जाना चाहती है। “विकसित भारत 2047” के विज़न के तहत, इस नई योजना का फोकस सिर्फ मजदूरी या रोजगार नहीं रहेगा, बल्कि ग्रामीण विकास, इंफ्रास्ट्रक्चर और आत्मनिर्भरता पर होगा।
सरकार का तर्क है कि यह योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को दोहरी शक्ति देगी एक तरफ रोजगार, दूसरी तरफ स्थायी विकास। यानी गांवों में पक्की सड़कें, नालियां, तालाब, और सार्वजनिक ढांचे के निर्माण के साथ-साथ हर ग्रामीण परिवार को काम की गारंटी भी मिलेगी।
अब 100 नहीं, 125 दिन की रोजगार गारंटी
इस नए एक्ट में सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब ग्रामीण परिवारों को 125 दिन की रोजगार गारंटी मिलेगी, जो पहले 100 दिन थी। बढ़ते महंगाई के दौर में इसे एक बड़ा राहत कदम माना जा रहा है। खास बात यह है कि यह रोजगार बिना मशीन के काम करने वाले हर ग्रामीण परिवार के वयस्क सदस्य को मिलेगा।
इसके साथ ही, राज्य सरकारों को यह छूट भी दी जाएगी कि वे 60 दिनों के लिए काम रोक सकती हैं, ताकि मजदूर खेती के मौसम में अपने खेतों में काम कर सकें। यानी यह योजना खेती और मजदूरी दोनों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश करेगी।
जॉब कार्ड सिस्टम में भी बदलाव
अब तक मनरेगा में मजदूरों को काम पाने के लिए “मनरेगा जॉब कार्ड” बनवाना पड़ता था, लेकिन नई योजना में यह व्यवस्था बदलेगी। अब काम पाने के लिए “ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड” जरूरी होगा। इस कार्ड के आधार पर ही मजदूरों को योजना के तहत काम मिलेगा। आवेदन करने के लिए व्यक्ति की उम्र 18 वर्ष से अधिक होनी चाहिए और उसे ग्राम पंचायत कार्यालय में जाकर नाम, पता और उम्र दर्ज करवानी होगी।
जरूरी दस्तावेज क्या होंगे
ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड बनवाने के लिए कुछ जरूरी कागज देने होंगे:
- आधार कार्ड
- आवास प्रमाण पत्र (गांव में निवास का सबूत)
- आयु प्रमाण पत्र
- बैंक खाता विवरण
इसके अलावा, आवेदकों को ई‑KYC प्रक्रिया से भी गुजरना पड़ सकता है ताकि जानकारी पूरी तरह सटीक रहे।
विशेष वर्गों के लिए स्पेशल कार्ड
नए एक्ट की खासियत यह है कि इसमें समाज के कमजोर वर्गों का विशेष ध्यान रखा गया है। VB‑G RAM G योजना के तहत स्पेशल जॉब कार्ड जारी किए जाएंगे।
- सिंगल वुमेन (एकल महिलाएं) के लिए अलग कार्ड बनेगा ताकि उन्हें प्राथमिकता से रोजगार मिल सके।
- दिव्यांग, वरिष्ठ नागरिक (60 वर्ष से ऊपर), ट्रांसजेंडर समुदाय और जनजातीय लोगों के लिए भी अलग रंग के विशेष कार्ड होंगे।
इससे इन वर्गों की पहचान आसान होगी और उन्हें कार्य आवंटन में वरीयता दी जाएगी।
किसानों को भी होगा फ़ायदा
सरकार का कहना है कि नई योजना केवल मजदूरों तक सीमित नहीं रहेगी। ग्रामीण विकास के प्रोजेक्ट्स में किसानों को भी अप्रत्यक्ष रूप से फायदा होगा। गांवों में बने सड़क, तालाब और सिंचाई ढांचे से खेती को सीधा लाभ मिलेगा। यानी इस योजना से रोजगार और कृषि — दोनों के स्तर पर सुधार होगा।
बदलते ग्रामीण भारत की नई तस्वीर
“वीबी‑जी राम जी” योजना सिर्फ नाम बदलने की कवायद नहीं है, बल्कि ग्रामीण भारत की आर्थिक बुनियाद को मजबूत करने की कोशिश है। रोजगार के दिनों में बढ़ोतरी, पारदर्शी कार्ड सिस्टम, और स्पेशल वर्गों को प्राथमिकता ये सब संकेत हैं कि सरकार अब ग्रामीण विकास को मिशन मोड में ले जा रही है। अगर यह योजना सही तरीके से लागू की गई तो यह ग्रामीण जीवन में वैसी ही क्रांति ला सकती है जैसी मनरेगा ने 20 साल पहले शुरू की थी। फर्क बस इतना होगा कि अब इसका लक्ष्य “सिर्फ काम देना” नहीं, बल्कि “काम के माध्यम से विकास करना

















