
भोपाल के एक मॉल में रविवार शाम एक ऐसा नजारा देखने को मिला, जिसने सोशल मीडिया पर खूब हलचल मचा दी। मामला था ‘धुरंधर’ फिल्म के शो का, जो इन दिनों बॉक्स ऑफिस पर चर्चा में है। लेकिन यह फिल्म हर उम्र के लिए नहीं बल्कि सिर्फ 18 साल से ऊपर के दर्शकों के लिए (A सर्टिफाइड) है। बावजूद इसके एक फैमिली ने ऑनलाइन टिकट बुक करके छोटे बच्चों के साथ थिएटर में पहुंचने की गलती कर दी।
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फिल्म के बीच में मचा हंगामा
घटना भोपाल के आशिमा मॉल के एक मल्टीप्लेक्स की बताई जा रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, परिवार में 4 से 5 छोटे बच्चे थे, जो अपने पैरेंट्स के साथ फिल्म देखने पहुंचे थे। ‘धुरंधर’ फिल्म उस वक्त चल रही थी और जैसे ही स्टाफ को मालूम हुआ कि नाबालिग दर्शक थिएटर में मौजूद हैं, तो शो बीच में रोक दिया गया। थिएटर वालों ने परिवार से बाहर जाने को कहा, लेकिन इस पर वहां काफी बहस और हंगामा देखने को मिला। अंततः प्रशासनिक नियमों का हवाला देते हुए स्टाफ ने फैमिली को हॉल से बाहर निकलने को मजबूर किया।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो चुका है। इंस्टाग्राम यूजर @kuldeep_jain_shri_ji_official ने इस पूरी घटना की एक रील पोस्ट की है, जिसमें उन्होंने पैरेंट्स को चेतावनी दी है कि “धुरंधर मूवी बच्चों के लिए नहीं है।”
वीडियो के मुताबिक, फैमिली को पहले थिएटर के गेट पर ही रोक दिया गया था, लेकिन उन्होंने बहस कर अंदर जाने की कोशिश की। इसके बाद शो रुकवाकर पूरी फैमिली को बाहर किया गया। वीडियो पर अब तक 7 लाख से ज्यादा व्यूज़ और हजारों लाइक्स आ चुके हैं।
आखिर क्यों नहीं देख सकते बच्चे ‘धुरंधर’?
फिल्म ‘धुरंधर’ को CBFC (सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन) ने ‘A’ श्रेणी (Adult Category) में रखा है। इसका मतलब है कि यह फिल्म सिर्फ 18 वर्ष से अधिक आयु के दर्शकों के लिए है। इसलिए कोई भी व्यक्ति, चाहे छात्र हो या परिवार, अगर 18 साल से कम उम्र का दर्शक साथ है तो उसे यह फिल्म थिएटर में देखने की अनुमति नहीं है।
दरअसल, ‘A’ सर्टिफिकेशन फिल्मों में हिंसा, वयस्क विषय, भाषा या कुछ ऐसे दृश्य हो सकते हैं जो बच्चों के लिए उपयुक्त नहीं होते। इसी नियम के तहत, थिएटर संचालकों का कर्तव्य है कि वे किसी नाबालिग को अंदर प्रवेश न दें even if tickets are booked online.
CBFC की 4 प्रमुख फिल्म सर्टिफिकेट कैटेगरी
भारत में हर फिल्म को रिलीज़ से पहले CBFC द्वारा चार श्रेणियों में से किसी एक सर्टिफिकेट में रखा जाता है:
- U (Universal): सभी उम्र के दर्शकों के लिए सुरक्षित। उदाहरण – दंगल, बजरंगी भाईजान, चक दे! इंडिया।
- U/A (Parental Guidance): 12 साल से कम उम्र के बच्चों को फिल्म देखने के लिए माता-पिता के साथ आना चाहिए। उदाहरण – जिगरा, कुबेर जैसी हालिया फिल्में।
- A (Adult): सिर्फ 18 वर्ष या उससे अधिक उम्र के लोगों के लिए। उदाहरण – कबीर सिंह, उड़ता पंजाब, द कश्मीर फाइल्स, ओएमजी 2, और अब ‘धुरंधर’।
- S (Special Category): यह फिल्मों की एक विशेष श्रेणी होती है जो केवल डॉक्टर, वैज्ञानिक या विशिष्ट पेशेवर दर्शकों के लिए प्रस्तुत की जाती है।
पैरेंट्स के लिए सीख
फिल्म का शौक़ सबको होता है, लेकिन फिल्म सर्टिफिकेट पढ़ना भी ज़रूरी है। अक्सर हम टिकट बुक करते समय रेटिंग पर ध्यान नहीं देते, और यही लापरवाही बाद में असुविधा का कारण बन जाती है।धुरंधर’ जैसी फिल्में वयस्क दर्शकों के लिए बनाई जाती हैं जिनमें ऐसे विषय होते हैं जिन्हें बच्चे समझ नहीं पाते या जो उनकी आयु के अनुरूप नहीं होते। इसलिए, अगर आप फैमिली के साथ फिल्म देखने जा रहे हैं तो पहले CBFC रेटिंग देख लें। यह जानकारी बुकिंग साइट्स और थिएटर पोस्टर्स पर भी साफ-साफ लिखी होती है।

















