
लोकतंत्र के इस सबसे बड़े पर्व – चुनाव – की तैयारी अब रफ्तार पकड़ चुकी है। निर्वाचन आयोग ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के तहत पश्चिम बंगाल की मतदाता सूची का ड्राफ्ट जारी कर दिया है। इसका मतलब अब मतदाता खुद ऑनलाइन अपना नाम जांच सकते हैं और किसी भी प्रकार की गलती पर आपत्ति दर्ज करा सकते हैं।
यह ड्राफ्ट सूची केवल पश्चिम बंगाल के लिए ही नहीं, बल्कि देश के चार अन्य राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश, यानी राजस्थान, गोवा, पुडुचेरी और लक्षद्वीप के लिए भी मंगलवार को जारी की गई है।
Table of Contents
कैसे जांचें अपना नाम मतदाता सूची में
निर्वाचन आयोग ने इस बार मतदाताओं की सुविधा के लिए पूरी प्रक्रिया डिजिटल और सरल बनाई है। मतदाता अब बिना किसी सरकारी दफ्तर जाए ऑनलाइन यह जांच सकते हैं कि उनका नाम मतदाता सूची में है या नहीं।
- इसके लिए निर्वाचन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट voters.eci.gov.in पर जाएं।
- वैकल्पिक रूप से, ECINET ऐप डाउनलोड कर सकते हैं, जो गूगल प्ले स्टोर और एप्पल ऐप स्टोर दोनों पर उपलब्ध है।
- ऐप या वेबसाइट पर अपने नाम, पिता का नाम और निर्वाचन क्षेत्र दर्ज करें, और कुछ ही सेकंड में जानकारी स्क्रीन पर दिखाई देगी।
यह सुविधा खासकर उन लोगों के लिए फायदेमंद है जो हाल ही में स्थानांतरित हुए हैं या जिनके नाम पिछले चुनावों में छूट गए थे।
राजनीतिक दलों को भी मिलेगी ड्राफ्ट सूची की प्रति
निर्वाचन आयोग ने पारदर्शिता को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए निर्देश जारी किए हैं कि ड्राफ्ट मतदाता सूची की प्रति सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को भी दी जाएगी। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) और जिला निर्वाचन अधिकारी (DEO) अपने-अपने स्तर पर इन सूचियों को दलों के साथ साझा करेंगे और इन्हें आधिकारिक वेबसाइटों पर भी अपलोड किया जाएगा। इससे मतदाताओं और राजनीतिक दलों, दोनों को किसी भी तरह की त्रुटि या गड़बड़ी की पहचान करने में आसानी होगी।
मृत, स्थानांतरित और अनुपस्थित मतदाताओं की सूची भी सार्वजनिक होगी
निर्वाचन आयोग ने यह स्पष्ट किया है कि केवल नाम की सूची ही नहीं, बल्कि मृत, स्थानांतरित और अनुपस्थित मतदाताओं की अलग-अलग सूचियां भी अपलोड की जाएंगी। इस कदम का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक और पारदर्शी बनाना है। नागरिक इन सूचियों को देखकर आपत्ति दर्ज करा सकते हैं या अगर कोई गलती हो तो सुधार के लिए आवेदन दे सकते हैं।
कई राज्यों में बढ़ाई गई थी SIR की समय सीमा
दिलचस्प बात यह है कि कुछ राज्यों में SIR की प्रक्रिया निर्धारित समय से अधिक चली। आयोग ने हाल ही में कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में समय सीमा बढ़ाने का निर्णय लिया था।
- तमिलनाडु और गुजरात में गणना प्रक्रिया 14 दिसंबर तक चलेगी और वहां 19 दिसंबर को ड्राफ्ट सूची आएगी।
- मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और अंडमान-निकोबार की गणना 18 दिसंबर तक चलेगी और सूची 23 दिसंबर को जारी होगी।
- उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची की गणना 26 दिसंबर तक होगी और ड्राफ्ट सूची 31 दिसंबर को प्रकाशित की जाएगी।
वहीं, केरल के लिए पहले ही अलग कार्यक्रम तय किया गया था — यहां गणना 18 दिसंबर को समाप्त होगी और ड्राफ्ट सूची 23 दिसंबर को सार्वजनिक होगी।
पारदर्शी और समावेशी चुनाव की दिशा में कदम
चुनाव आयोग हमेशा से यह सुनिश्चित करता आया है कि हर पात्र नागरिक को मतदान का अधिकार मिले और कोई मतदाता सूची से वंचित न रह जाए। इस विशेष पुनरीक्षण के माध्यम से आयोग उन सभी मतदाताओं को भी मौका दे रहा है जो किसी कारणवश छूट गए थे या हाल ही में स्थान बदल चुके हैं।
बदलते समय के साथ आयोग ने डिजिटल साधनों का अधिकतम उपयोग करते हुए प्रक्रिया को अधिक सुलभ, पारदर्शी और समयबद्ध बनाया है। आने वाले हफ्तों में तमिलनाडु, गुजरात, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश और केरल जैसे राज्यों में भी ड्राफ्ट सूचियां जारी होंगी, जिससे पूरे देश में मतदाता सूची प्रक्रिया का एक नया दौर शुरू होगा।

















