यूपी में बदलेंगे 12 लाख प्रीपेड बिजली मीटर! UPPCL ने तय की अंतिम मियाद

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने गुजरात के चार सहकारी बैंकों के विलय को मंजूरी दी है, जो 15 दिसंबर 2025 से लागू हो गया है। अब अमोद नागरिक बैंक, भुज मर्केंटाइल बैंक में और अमरनाथ बैंक, कलुपुर कमर्शियल बैंक में विलीन हो गए हैं। ग्राहकों की जमा राशि सुरक्षित है, लेकिन उन्हें नया IFSC और बैंकिंग दस्तावेज़ अपडेट करने होंगे।

Published On:
यूपी में बदलेंगे 12 लाख प्रीपेड बिजली मीटर! UPPCL ने तय की अंतिम मियाद

उत्तर प्रदेश में बिजली व्यवस्था को बेहतर और आधुनिक बनाने के लिए उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPPCL) ने एक बड़ा बदलाव शुरू किया है। यूपी सरकार और बिजली विभाग ने पुराने प्रीपेड मीटरों को नई तकनीक वाले 4G/5G आधारित स्मार्ट मीटरों से बदलने की तैयारी पूरी कर ली है। यह काम पूरी तरह दिसंबर 2025 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

इस पहल का मकसद राज्य की बिजली प्रणाली को डिजिटल और उपभोक्ता-केंद्रित बनाना है, ताकि हर घर में बिजली रिचार्ज और बिलिंग से जुड़ी परेशानियां खत्म हो सकें।

क्यों बदले जा रहे हैं पुराने मीटर

वर्तमान में लगे ज्यादातर प्रीपेड मीटर 2G तकनीक पर आधारित हैं। ये मीटर काम तो कर रहे हैं, लेकिन अब इनके सर्वर में बार-बार तकनीकी दिक्कतें आने लगी हैं। कई बार उपभोक्ताओं को रिचार्ज करने के बाद बैलेंस अपडेट होने में घंटों लग जाते हैं, जिससे बिजली सप्लाई भी बाधित होती है।

यही वजह है कि अब UPPCL इन पुराने मीटरों को स्मार्ट प्रीपेड मीटरों से बदलने जा रहा है। ये नए मीटर 4G और 5G कनेक्टिविटी पर आधारित होंगे, जिससे रीयल-टाइम डेटा ट्रांसफर और बिजली खपत का तुरंत अपडेट संभव होगा।

क्या है नया सिस्टम और इससे फायदे

नए स्मार्ट मीटरों में कई एडवांस फीचर्स जोड़े जा रहे हैं जो उपभोक्ताओं को पहले से कहीं ज्यादा सुविधा देंगे:

  • रीयल-टाइम मॉनिटरिंग: खपत का डेटा हर कुछ मिनटों में अपडेट होगा, ताकि उपभोक्ता को बिजली उपयोग की सटीक जानकारी मिलती रहे।
  • मोबाइल ऐप इंटीग्रेशन: उपभोक्ता अपने बिजली खाते को UPPCL की वेबसाइट या डिस्कॉम ऐप (जैसे PVVNL, MVVNL, DVVNL आदि) से जोड़ सकेंगे।
  • Auto alerts: अगर रिचार्ज खत्म होने वाला होगा तो मीटर ऑटोमैटिक SMS या नोटिफिकेशन भेजेगा।
  • Instant recharge: अब रिचार्ज करने के बाद बैलेंस मिनटों में अपडेट होगा, घंटों नहीं।

यह बदलाव बिजली उपभोक्ताओं को न केवल सुविधाजनक अनुभव देगा, बल्कि राज्य सरकार को भी Energy Distribution और Loss Management में मदद करेगा।

उपभोक्ताओं को करना होगा यह काम

अगर आपके घर, दुकान या किसी व्यवसाय में पुराना 2G प्रीपेड मीटर लगा है, तो घबराने की ज़रूरत नहीं है। मीटर बदलने की प्रक्रिया पूरी तरह नि:शुल्क (No extra cost) होगी। लेकिन कुछ ज़रूरी कदम आपको खुद उठाने होंगे:

  1. मोबाइल नंबर अपडेट करें: सुनिश्चित करें कि आपका मोबाइल नंबर बिजली विभाग के पोर्टल पर अपडेटेड है। यही नंबर मीटर बदलने की सूचना के लिए उपयोग किया जाएगा।
  2. SMS अलर्ट पर नज़र रखें: विभाग मीटर बदलने के समय और टीम की विजिट की सूचना SMS के माध्यम से भेजेगा।
  3. पुराना बैलेंस सुरक्षित रहेगा: आपके पुराने मीटर का जो भी बैलेंस होगा, वह ट्रांसफर होकर नए मीटर में जोड़ दिया जाएगा।
  4. संपर्क हेतु टोल-फ्री नंबर: किसी भी प्रकार की जानकारी या शिकायत के लिए टोल-फ्री 1912 पर संपर्क किया जा सकता है।

कहाँ से होगी शुरुआत

UPPCL ने इस परियोजना को चरणबद्ध ढंग (Phase-wise) से शुरू करने का निर्णय लिया है। पहले चरण में उन शहरों को चुना गया है जहाँ प्रीपेड मीटरों की संख्या सबसे ज़्यादा है। इसमें लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, मेरठ और गाजियाबाद शामिल हैं। इन शहरों के बाद धीरे-धीरे पूरे राज्य में नए मीटर लगाए जाएंगे।

डिजिटल इंडिया मिशन से जुड़ता कदम

यूपी का यह कदम Digital India और Smart Power Distribution के विजन को मजबूत करेगा। स्मार्ट मीटर से सरकार और उपभोक्ता दोनों को लाभ होगा, सरकार को बिजली की खपत और वितरण का सटीक डेटा मिलेगा, वहीं उपभोक्ताओं को पारदर्शी बिलिंग और तुरंत रिचार्ज की सुविधा। इसके अलावा, स्मार्ट मीटर भविष्य में ऊर्जा बचत (Energy Efficiency) योजनाओं को भी समर्थन देंगे। इससे बिजली चोरी पर नियंत्रण, बिलिंग में पारदर्शिता और नेटवर्क लोड बैलेंसिंग में बड़ी मदद मिलेगी।

Author
Pinki

Leave a Comment

Related News

🔥 वायरल विडिओ देखें