
देश के पशुपालकों और युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है, पशुपालन क्षेत्र को बढ़ावा देने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से सरकार की ओर से विशेष योजनाओं के तहत 50% तक की भारी सब्सिडी प्रदान की जा रही है, यदि आप भी डेयरी, मुर्गी पालन या भेड़-बकरी पालन के क्षेत्र में अपना भविष्य बनाना चाहते हैं, तो यह आपके लिए एक सुनहरा मौका साबित हो सकता है।
यह भी देखें: CUET PG 2026 के लिए आवेदन शुरू! फॉर्म भरने का सीधा लिंक जारी, जानें पूरी प्रक्रिया
Table of Contents
इन योजनाओं से मिल रहा है बड़ा प्रोत्साहन
केंद्र सरकार के पशुपालन और डेयरी विभाग (DAHD) के अनुसार, मुख्य रूप से राष्ट्रीय पशुधन मिशन (NLM) और AHIDF जैसी योजनाओं के जरिए पशुपालकों को वित्तीय सहायता दी जा रही है।
राष्ट्रीय पशुधन मिशन (NLM): 50 लाख तक की मदद
इस योजना के तहत मुर्गी पालन, भेड़-बकरी पालन और सूअर पालन जैसे व्यवसायों के लिए सरकार कुल परियोजना लागत का 50% अनुदान दे रही है, इस योजना की खास बात यह है कि इसमें अधिकतम सब्सिडी की सीमा 50 लाख रुपये तक तय की गई है, व्यक्तिगत उद्यमी, स्वयं सहायता समूह (SHG) और एफपीओ (FPO) इसके लिए पात्र हैं, इच्छुक उम्मीदवार सीधे NLM के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर आवेदन कर सकते हैं।
यह भी देखें: BSNL के यूजर्स हुए खुश! 150 दिन तक SIM एक्टिव रखने का सबसे सस्ता रिचार्ज लॉन्च, मिलेंगे ये फायदे
डेयरी और प्रोसेसिंग यूनिट पर ब्याज में राहत
पशुपालन अवसंरचना विकास निधि (AHIDF) के माध्यम से सरकार डेयरी और मीट प्रोसेसिंग यूनिट लगाने के लिए कर्ज उपलब्ध कराती है। इसमें लाभार्थियों को ऋण पर 3% ब्याज की छूट के साथ-साथ क्रेडिट गारंटी की सुविधा भी दी जाती है। इससे पशुपालकों को बड़े स्तर पर आधुनिक प्लांट लगाने में मदद मिल रही है।
राज्यों में भी मिल रही है विशेष रियायत
केंद्र के साथ-साथ राज्य सरकारें भी अपने स्तर पर पशुपालन को प्रमोट कर रही हैं:
- बिहार: गव्य विकास योजना के तहत दुधारु मवेशियों की खरीद पर 50% से 75% तक की सब्सिडी।
- उत्तर प्रदेश: ‘नंद बाबा दुग्ध मिशन’ के जरिए स्वदेशी गायों के पालन पर विशेष प्रोत्साहन।
- मध्य प्रदेश: मुख्यमंत्री पशुपालन विकास योजना के तहत किसानों को आर्थिक मदद।
यह भी देखें: बिजली बिल में बड़ी राहत! केंद्र सरकार ला रही नई पॉलिसी, घरों के बिल होंगे पहले से कहीं कम
कैसे करें आवेदन और क्या हैं जरूरी दस्तावेज?
पशुपालन क्षेत्र में सब्सिडी का लाभ उठाने के लिए आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाया गया है। आवेदक को निम्नलिखित दस्तावेजों की आवश्यकता होगी:
- आधार कार्ड और निवास प्रमाण पत्र।
- बैंक पासबुक की कॉपी।
- पशुपालन प्रशिक्षण प्रमाण पत्र।
- व्यवसाय की विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR)।
इस योजना का लाभ लेने के लिए पशुपालक अपने जिले के मुख्य पशुपालन अधिकारी या नजदीकी राजकीय पशु चिकित्सा केंद्र से संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा, डिजिटल माध्यम से जानकारी के लिए e-Gopala App का भी सहारा लिया जा सकता है।
सरकार की इस पहल से न केवल दुग्ध उत्पादन में वृद्धि होगी, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

















